जानिए Nifty क्या है और यह Sensex से कैसे अलग़ है – पूरी जानकारी

जानिए Nifty क्या है और यह Sensex से कैसे अलग़ है - पूरी जानकारी

यदि आप भी शेयर मार्केट के बारे में जानना चाहते हैं या stock market में निवेश करना चाहते हैं तो आपको nifty और Sensex के बारे में जानना बहुत ज़रूरी है। आज आप जानेंगे कि Nifty क्या है और ये Sensex से कैसे अलग़ है ?

तो चलिए जानते हैं भारत के दो मुख्य Stock Exchange Nifty (NSE) और Sensex (BSE) जहाँ NSE का मतलब National Stock Exchange वहीं BSE का मतलब Bombay Stock Exchange है।

Nifty क्या है (What Is Nifty In Hindi)

Nifty एक प्रकार का Stock Exchange होता है, जहाँ कई कंपनियां Listed होती हैं। Nifty investment और Trading की सुविधा provide कराता है। यह कई कम्पनियों का group होता है अर्थात Nifty Top 50 कंपनियों का group होता है। इसके अलावा निफ़्टी में 1600 से भी ज़्यादा कंपनियां Listed है। इन Nifty 50 कंपनियों के price movement के आधार पर Nifty का Index (बेंचमार्क) रेगुलेट होता है।

यानी यदि Nifty में बढ़त होती है तो इसका मतलब Nifty में listed कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त होती है। और वहीँ जब निफ़्टी में गिरावट होती है तो उसमे listed सभी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आ जाती है।

Nifty एक प्रकार का group sycology है। Stock Market से किसी देश की economy को track किया जाता है। NSE और BSE, Indian Stock Market के दो major index हैं।

BSE, Sensex का और NSE Nifty का symbol है। Sensex Top 30 कंपनियों का index होता है। इसे BSE Free Float Market Capitalisation के हिसाब से select करती है। इसमें हर sector की major leader company की performance के आधार पर select किया जाता है।

वहीँ निफ़्टी के अंदर Top 50 कंपनियों को select किया जाता है। Sensex 1978-1979 से शुरू हुआ तब इसकी base value 100 रूपए थी। आज के समय पर Sensex की base value 54,000 हजार से पार है। वहीँ Nifty 1995-96 में base value 1000 हजार थी।

वहीँ आज Nifty की base value 16,000 हजार के आसपास है। अब इसमें sector के आधार पर other indexes भी होते हैं। जैसे की auto, power, IT, bank, midcap, longcap, smallcap इत्यादि।

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Free Float Capitalisation Method में total market capitalisation, जो एक company के promoter (owner) या semi-government की holding होती। क्योंकि इसमें trading नहीं होती है।

यह sentiment of people यानी की जितना ज्यादा लोग share daily खरीद-बेच रहें हैं, उसके base पर ही ये index ऊपर-नीचे जाता रहता है।

यह social environment पर depend करती है। यह मुख्यतः stable government के आधार पर ही depend होती है। जैसे की business policies, industry future, country future, international affairs इत्यादि।

Nifty और Sensex का Index किसके आधार पर Regulate होता है ?

BSE में 5000 हजार से अधिक और Nifty में 50 से अधिक कंपनियां listed होती है। ऐसे में सभी कंपनियों के index को देखना संभव नहीं होता। ऐसे में Nifty और Sensex के index पता चलता है कि market में उछाल है या फिर गिरावट।

इसी से हम market के बारे में जान पाते हैं। ये एक प्रकार के exit poll होते हैं, जो एक छोटे sample size से प्रदर्शित होती है की market कहाँ जा रही है। इसमें हम index के movement के आधार पर ये निर्णय नहीं ले सकते हैं की मार्केट में उछाल है या गिरावट।

इसमें भी कुछ limitations होती हैं। इसमें वो 30 कंपनियां बड़ी नहीं होती बल्कि उनका free float capitalisaion बड़ा होता है। इसमें हम 30-50 कंपनियों के index से हम 5000 कंपनियों की जानकारी नहीं ले सकते।

इसमें top performer कंपनियों को शामिल किया जाता है। हर तीन महीने में looser performing company को बाहर कर दिया जाता है। Sensex में best past performer वाली कंपनियां list होती हैं।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख Nifty क्या है और यह Sensex से कैसे अलग़ है पूरी जानकारी हिंदी में आया होगा और ऐसे ही interesting और knowledgeful जानकारी के लिए आप हमारे Allhindime Telegram को join कर सकते हैं।

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